विश्व डाक दिवस के अवसर पर देशभर के मुख्यमंत्रियों और नेताओं ने भारतीय डाक सेवा की सराहना करते हुए डाक कर्मियों व प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भारतीय डाक को न सिर्फ संदेश पहुंचाने का माध्यम, बल्कि विश्वास, सेवा और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संदेश
योगी आदित्यनाथ ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि विश्व की सबसे सशक्त, व्यापक और विश्वसनीय डाक व्यवस्था भारतीय डाक तंत्र के सभी समर्पित कर्मियों व प्रदेशवासियों को विश्व डाक दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं। देश के हर कोने, हर वर्ग और हर नागरिक को विश्वास व संवेदना के सूत्र में पिरोकर राष्ट्र की एकता को मजबूत करने वाले डाक परिवार का हार्दिक अभिनंदन।
राजस्थान और दिल्ली की मुख्यमंत्री ने की प्रशंसा
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि डाक व्यवस्था वर्षों से देश के कोने-कोने तक लोगों को जोड़ने और आवश्यक संदेश व सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बदलते समय के साथ नए आयाम अपनाते हुए यह आज भी जनसेवा का सशक्त माध्यम बनी हुई है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भारतीय डाक को विश्व की सबसे बड़ी डाक व्यवस्था बताते हुए कहा कि यह पीढ़ियों से करोड़ों लोगों को जोड़े रखती है—कभी चिट्ठियों के जरिए, कभी खुशियों के संदेशों से और आज आधुनिक सेवाओं के रूप में। उन्होंने इसे सेवा और विश्वास की अनूठी पहचान करार दिया तथा पोस्ट ऑफिस परिवार को शुभकामनाएं दीं।
बिहार, हरियाणा समेत अन्य नेताओं के शुभकामना संदेश
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डाककर्मियों की भूमिका को हमेशा महत्वपूर्ण बताते हुए उनके समर्पण और सेवाभाव को नमन किया। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने कहा कि डाक विभाग दूरियों को नजदीकियों में बदलने और जन-जन तक संवाद का माध्यम बनने में अतुलनीय भूमिका निभाता है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटलीकरण, वित्तीय समावेशन और त्वरित सेवाओं के विस्तार की सराहना करते हुए कहा कि डाक विभाग अब गांव-गांव तक नागरिक सुविधाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री पंकज चौधरी ने भी भारतीय डाक परिवार की निष्ठा और समर्पण को नमन करते हुए कहा कि उनकी सेवा ने देश को संवाद और विश्वास की मजबूत डोर से जोड़े रखा है।
भारतीय डाक: परंपरा से आधुनिकता तक की यात्रा
विश्व डाक दिवस पर दिए गए इन संदेशों से साफ है कि भारतीय डाक सेवा आज भी देश की एकता, सेवा और विश्वास का प्रतीक बनी हुई है। पारंपरिक चिट्ठियों से लेकर डिजिटल और वित्तीय सेवाओं तक, यह विभाग निरंतर विकसित हो रहा है और राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे रहा है।
















