आजकल
बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों के कारण कई लोगों में कैल्शियम की कमी
देखने को मिलती है। कैल्शियम हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी खनिज है। यह न केवल
हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में मदद करता है, बल्कि मांसपेशियों, नसों
और हृदय के सामान्य कामकाज के लिए भी आवश्यक है। शरीर में लंबे समय तक कैल्शियम की
पर्याप्त मात्रा नहीं मिलने से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का जोखिम
बढ़ सकता है। सस्ते ब्रांडेड कपड़ों के
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अक्सर लोग कैल्शियम की कमी पूरी करने के लिए महंगे सप्लीमेंट्स का सहारा लेते हैं।
हालांकि संतुलित आहार के जरिए भी कैल्शियम की जरूरत का बड़ा हिस्सा पूरा किया जा
सकता है। रसोई में मौजूद कई सामान्य खाद्य पदार्थ कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं।
आइए जानते हैं ऐसी पांच चीजों के बारे में, जिन्हें नियमित
खानपान में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। 1. तिल: तिल
कैल्शियम का अच्छा प्राकृतिक स्रोत है। विशेष रूप से बिना छिलके वाले तिल की तुलना
में साबुत तिल में कैल्शियम अधिक होता है। इन्हें चटनी, सलाद,
लड्डू या अन्य व्यंजनों में शामिल किया जा सकता है। हालांकि तिल में
मौजूद कैल्शियम का पूरा हिस्सा शरीर अवशोषित नहीं कर पाता, इसलिए
केवल तिल पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। ब्लूबेरी खाने के 6 फायदे,
त्वचा से लेकर दिल तक का रखे ख्याल 2. बादाम:
बादाम में कैल्शियम के साथ मैग्नीशियम, प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा भी मौजूद होती है। रोजाना सीमित मात्रा में बादाम
खाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। इन्हें सुबह नाश्ते में,
दलिया के साथ या शाम के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि
बादाम कैल्शियम का एकमात्र प्रमुख स्रोत नहीं है। 3. दूध और
दही: दूध और दही कैल्शियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन और अन्य
जरूरी पोषक तत्व भी होते हैं। रोजाना भोजन में दूध या दही शामिल करने से कैल्शियम
की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है। जिन लोगों को दूध से परेशानी होती है,
वे लैक्टोज-मुक्त या कैल्शियम-फोर्टिफाइड विकल्प चुन सकते हैं। शाम
की भूख का हेल्दी इलाज, बनाएं क्रिस्पी हरा मूंग कटलेट 4.
रागी: रागी यानी फिंगर मिलेट कैल्शियम से भरपूर अनाज है। इसे रोटी,
दलिया, डोसा या चीला बनाकर खाया जा सकता है।
रागी में फाइबर और अन्य खनिज भी मौजूद होते हैं। यह उन लोगों के लिए उपयोगी विकल्प
हो सकता है जो अपने भोजन में अलग-अलग प्रकार के अनाज शामिल करना चाहते हैं। 5.
टोफू: कैल्शियम से तैयार किया गया टोफू विशेष रूप से उन लोगों के
लिए अच्छा विकल्प है जो दूध या डेयरी उत्पाद नहीं खाते। इसमें कैल्शियम के साथ
प्रोटीन भी मिलता है। हालांकि सभी प्रकार के टोफू में कैल्शियम की मात्रा समान
नहीं होती, इसलिए खरीदते समय पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी
देखनी चाहिए। तुलसी के पौधे में आलू गाड़
रहे लोग आखिर क्या है वजह कैल्शियम के साथ शरीर में विटामिन डी की पर्याप्त मात्रा
होना भी जरूरी है, क्योंकि यह कैल्शियम के अवशोषण में मदद
करता है। इसके लिए संतुलित भोजन, उचित धूप और नियमित शारीरिक
गतिविधियां उपयोगी हो सकती हैं। वजन उठाने वाले व्यायाम और पैदल चलना भी हड्डियों
के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, अधिकांश
वयस्कों को उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति के आधार पर प्रतिदिन लगभग 1,000 से 1,200 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है।
हालांकि यह आवश्यकता सभी के लिए समान नहीं होती। ध्यान रखें कि केवल इन खाद्य
पदार्थों को खाने से कैल्शियम की प्रमाणित कमी हमेशा दूर नहीं होती। यदि किसी
व्यक्ति को कैल्शियम की गंभीर कमी, ऑस्टियोपोरोसिस या अवशोषण
संबंधी समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह से जांच और उपचार जरूरी
हो सकता है। डॉक्टर द्वारा बताए गए सप्लीमेंट्स को बिना सलाह बंद नहीं करना चाहिए।
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