निडर होकर खेलें खिलाड़ी, खुद पर रखें भरोसा : श्रेयस अय्यर


खेल 04 October 2026
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निडर होकर खेलें खिलाड़ी, खुद पर रखें भरोसा : श्रेयस अय्यर

नई दिल्ली, 04 अक्टूबर। भारतीय टी-20 टीम के कप्तान श्रेयस अय्यर ने कहा है कि टीम के खिलाड़ियों को बाहरी दबाव की चिंता किए बिना अपने स्वाभाविक खेल पर भरोसा करना चाहिए।

वेस्टइंडीज के खिलाफ छह अक्टूबर से शुरू हो रही पांच मैचों की टी-20 सीरीज से पहले जियोस्टार के कार्यक्रम ‘फॉलो द ब्लूज: सरपंच श्रेयस’ में अय्यर ने अपने खिलाड़ियों से कैसी सोच की उम्मीद करते हैं, बल्लेबाजी के प्रति उनका क्या नजरिया है और युवा वैभव सूर्यवंशी के साथ उनकी बातचीत के बारे में खुलकर बात की।

अय्यर ने कहा कि वह चाहते हैं कि खिलाड़ी निडर होकर खेलें और अपनी सोच या खेलने के तरीके को सीमित न करें। क्योंकि जब आप अपनी स्वाभाविक सोच को रोकते हैं, तो आपकी असली काबिलियत मैदान पर नहीं दिखती। इसलिए, मुझे लगता है कि बाहर से जो उम्मीदें हैं, उनसे कहीं ज्यादा हमें खुद पर भरोसा करना चाहिए। एक टीम के तौर पर आप जानते हैं कि टीम के अंदर क्या चल रहा है और खिलाड़ियों की सोच कैसी है इसलिए, अच्छे और बुरे हर समय में आपको एक-दूसरे का साथ देना होगा और यह पक्का करना होगा कि मुश्किल समय में हर कोई एक-दूसरे के साथ खड़ा रहे।

अपनी बल्लेबाजी की रणनीति पर अय्यर ने कहा कि वह परिस्थिति के हिसाब से खेलना पसंद करते हैं। अगर वह पावरप्ले में बल्लेबाजी के लिए आते हैं तो क्षेत्ररक्षण प्रतिबंधों का पूरा फायदा उठाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि मुझे हालात के हिसाब से खेलना पसंद है। अगर मैं पावरप्ले में बल्लेबाजी करने जाता हूं, तो मैं पावरप्ले में मिलने वाली क्षेत्ररक्षण पाबंदियों का पूरा फायदा उठाना चाहता हूं। मैं मुश्किल समय में भी गेंदबाजों पर हावी होकर खेलना पसंद करता हूं, क्योंकि तभी आक्रामक खेल काम आता है। मेरी सोच शुरू से ही ऐसी रही है, जबसे मैंने रणजी ट्रॉफी में मुंबई के लिए खेलना शुरू किया था। एक बार जब मैं जम जाता हूं, तो मैं यह पक्का करने की कोशिश करता हूं कि मेरे बाद आने वाले बल्लेबाजों के लिए एक अच्छा मंच तैयार करूं।

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के साथ अपनी बातचीत को लेकर अय्यर ने कहा कि वह उनसे सिर्फ क्रिकेट के बारे में बात नहीं करते। उन्होंने कहा कि मैं वैभव से मैदान के बाहर की चीजों के बारे में बात करते रहते हैं, क्योंकि हर कोई उससे क्रिकेट के बारे में ही बात करता है। हम जानते हैं कि एक इंसान के तौर पर वह कितना प्रतिभाशाली है। इसलिए, मैं उससे मैदान के बाहर की जिंदगी, परिवार और उसकी पसंद-नापसंद के बारे में बात करता हूं। ऐसी बातें करते हुए वह ज्यादा सहज महसूस करते हैं।

अय्यर ने आगे कहा कि वैभव बहुत शांत स्वभाव का है, लेकिन मैदान पर उसका अंदाज बेहद आक्रामक है। उन्होंने भरोसा जताया कि जब वैभव को भारतीय टीम में खेलने का पूरा मौका मिलेगा तो वह भारतीय क्रिकेट पर अपना प्रभाव छोड़ेगा। फिलहाल टीम में विश्व कप विजेता सलामी बल्लेबाज मौजूद हैं। वैभव अभी टीम के 15 सदस्यीय दल का हिस्सा है और सही समय आने पर वह जरूर अपनी छाप छोड़ेगा।

वेस्टंडीज के खिलाफ सीरीज को लेकर भारतीय कप्तान अय्यर ने साफ किया कि उनकी प्राथमिकता पहले सीरीज जीतना है। इसके बाद ही टीम संयोजन में प्रयोग किए जाएंगे। अय्यर के मुताबिक शुरुआत से ही लगातार प्रयोग करने से खिलाड़ियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है। उन्होंने कहा कि जब खिलाड़ी सोचने लगते हैं कि उन्हें अगला मैच मिलेगा या नहीं, तो वे दुविधा में चले जाते हैं। मुझे वह मानसिकता पसंद नहीं है, क्योंकि मैं खुद पहले ऐसी स्थिति से गुजर चुका हूं और जानता हूं कि अंदर से कैसा महसूस होता है।

भारतीय टीम ने शुभमन गिल की कप्तानी में तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की है। अब श्रेयस अय्यर की अगुवाई में भारत को 6 अक्टूबर से पांच मैचों की टी-20 सीरीज खेलनी है।

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