ओडिशा में
पिछले कुछ दिनों से जारी तेज बारिश ने कई इलाकों की मुश्किल बढ़ाई है. बंगाल की
खाड़ी से उठा सिस्टम आंध्र प्रदेश के तट को पार करने के बाद ओडिशा और छत्तीसगढ़ की
तरफ बढ़ा. 25 सितंबर
तक यह डीप डिप्रेशन कमजोर हो चुका था. IMD के मुताबिक 26
सितंबर को यह सिस्टम उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की ओर जाएगा और इसके बाद और कमजोर होने की संभावना है.
दक्षिण ओडिशा में बारिश ने बढ़ाई परेशानी
दक्षिण और तटीय ओडिशा में पिछले दिनों हुई भारी बारिश का असर जमीन
पर भी दिखाई दिया है. मलकानगिरी में लगातार बारिश के बाद निचले इलाकों में पानी भर
गया, घरों में पानी घुसा और सड़क संपर्क प्रभावित हुआ.
स्थानीय रिपोर्ट के मुताबिक वहां 2,259 लोगों को सुरक्षित
स्थानों पर पहुंचाया गया और सात पुल पानी में डूब गए.
गंजाम और गजपति में भी भारी बारिश के बाद कुछ जगहों पर पेड़ गिरने
और भूस्खलन से सड़क व संचार व्यवस्था प्रभावित होने की रिपोर्ट सामने आई है. कुछ
नदियों का जलस्तर भी बढ़ा है.
आज समुद्र भी रहेगा खराब
IMD के तटीय बुलेटिन के मुताबिक 26 सितंबर की सुबह तक उत्तर और दक्षिण ओडिशा तट पर बारिश/गरज-चमक बनी रह सकती
है. समुद्र बहुत खराब से कभी-कभी ऊंची लहरों वाला रह सकता है.
हालांकि अब सिस्टम कमजोर हो रहा है, इसका मतलब यह नहीं कि बारिश तुरंत खत्म हो जाएगी. पहले से हुई भारी बारिश
के कारण निचले इलाकों, नदी किनारे और जलभराव वाले क्षेत्रों
में परेशानी कुछ समय और बनी रह सकती है.
IMD के मुताबिक सिस्टम अब ओडिशा से
उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और धीरे-धीरे कमजोर होगा. यानी राज्य में
सबसे तेज सिस्टम का सीधा असर पीछे छूट रहा है, लेकिन बारिश
का असर और जमीन पर जमा पानी अभी चुनौती बना हुआ है.

















